यह है प्रतापगढ़ को बेल्हा देवी कहे जाने का रहस्य

bela devi temple in pratapgarh bela devi temple in pratapgarh

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले का मुख्यालय प्राचीन शहर बेल्हा में स्थित है. इस धाम को लेकर कई इतिहास है उनमें से एक धार्मिक किदन्ति यह है की राम वनगमन मार्ग के किनारे सई नदी को श्रेता युग में भगवान राम ने पिता की आज्ञा मानकर वन जाते समय पार किया था और यही उन्होंने पूजन कर अपने संकल्प को पूरा करने के लिए ऊर्जा ली थी दूसरी यह भी मान्यता है की यही पर चित्रकूट से अयोध्या लौटते वक़्त भरत ने पूजन किया था, और तभी से यह स्थान लोगो के अस्तित्व में आया, कुछ तो यहाँ तक भी कहते है, की यही वह स्थान है जहा एप पति भगवान शंकर के अपमान से क्षुब्ध होकर जाते समय माता गौरी के कमर (बेल) का कुछ भाग सई के किनारे गिरा , जिसे जुड़ कर ही आज इसे बेला का नाम दिया गया |

पुरातत्वविदों के अनुसार

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जहाँ एक ओर इस मंदिर को लेकर कई सारे तथ्य कहे गए, वही दूसरी तरफ इतिहास के पन्ने कुछ और ही कहते है, एम.डी.पी.जी. कॉलेज के प्राचीन, विभाग इतिहास के प्रो. पीयूषकांत शर्मा का कहना है कि, चाहमान वंश के राजा पृथ्वी राज चौहान की बेटी बेला थी जिसका विवाह इसी क्षेत्र के ब्रह्मा नामक एक युवक से हुआ था बेला के विदाई के ही दिन ब्रह्मा की मृत्य हो गयी तो बेला ने गम में आकर इसी नदी में खुद को सती कर लिया इसलिए इसे हम सती स्थल के नाम से भी पुकारते है.

 

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